Śyāmalā Hilsa: vartamāna rājanaitika, sāmājika, evaṃ praśāsanika pariveśa para prahāra karatā eka sāhityika upanyāsa

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Medhā Buksa, Jan 1, 2005 - Hindi fiction - 358 pages
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Author's first novel which brings into focus the obstacles a female official faces in society, politics and her workplace.

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