Samakālīna kavitā aura kulīnatāvāda

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Rādhākr̥shṇa, 1994 - Poetry - 298 pages
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Elitist ideology in the modern Hindi poetry; a study.

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Contents

भूमिका
9
जनता से जुड़ने का मतलब
87
उन्माद का नया समाजशास्त्र
148
Copyright

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Common terms and phrases

अधिक अनुभव अपनी अपने अमरीका अशोक अशोक वाजपेयी आज इन इस इसलिए इसी उनकी उनके उन्हें उन्होंने उस उसका उसकी उसके उसे एक ओर कर करके करता है करती करते हैं करने कला कवि कविता कविता के कविता में कवियों क्या का कारण किया किसी की की तरह कुछ के प्रति के बीच के लिए के साथ केदार केदारनाथ को कोई गई जगह जनता के जब जा जाता है जाती जिस जीवन की जैसे जो तक तो था थी थे दिया दुनिया दोनों नई नहीं है नामवर सिंह निर्मल वर्मा ने पर प्रकृति पृ पृ० फिर बहुत बात भारत भारत भवन भाषा भी मनुष्य में में भी यथार्थ यह यहाँ या रहा है रहे हैं रूप में लेकिन वर्ग वह वाली वाले वे सम्बन्ध समाज समाजवाद संघर्ष संस्कृति साम्राज्यवाद सामाजिक साहित्य सांस्कृतिक से हिंदी ही हुआ हुई हुए है और है कि है है हो होता है होती होने

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