परिभाषेन्दुशेखरः

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राष्ट्रियसंस्कृतविद्यापीठम्, 2004 - Sanskrit language - 494 pages
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Exposition, with commentary, on the governing rules (Paribhāṣā) in the Panini school of Sanskrit grammar; includes two Sanskrit commentaries.

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Contents

Section 1
40
Section 2
99
Section 3
230

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अत एब अत एव अत एवेति अति अते अधि अनेन अन्यत्र अन्यथा अन्याय अप अब अम अल अव आब आह इको इति भाव इति लते इत्ते इत्यत्र इत्यर्थ इत्यादी इत्र इब एल एवं एवा कल कार्य कि किन्तु की के गुण गो चन्दिका चेति जा जाते जालजोधिमी तत ततो तत् तत्र तथा च तदर्थ तब तम तय तल तस्य तहि ति तू तेन तो तो 1 तो तोप द्ध न च न तु न दोष न भवतीति ननु निमित्त नेति पति परम परिभापाया परिभाषा परे पले पाते पुन पू प्रत्यय प्रमीति प्रवर्तते प्रवृति बम बहे बाध भय भव भवति भवतीति भाल भावी भाषी भी मनु मय यत् यत्र यथा यब यम यया यर यल यश यस्य यहि या येन रूप लभ्यते वक्तव्य वमन वा विशेष व्यर्थ शी सति सत्येन समाहित सहे स्थात् स्थाने स्थाहिति स्नेप स्पष्ट स्व स्वादिति हि है हैं

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