Yaha kisakā lahū girā hai?

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Kitābaghara, 1991 - Short stories, Hindi - 168 pages
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Contents

सरदार
29
और गुलमुहर गिर गया
48
मेरी माँग संवारने
56

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Common terms and phrases

अपना अपनी अपने अब अभी आँखों आई आज आया इसे उनकी उनके उन्हें उन्होंने उस उसका उसकी उसके उसने उसे एक और फिर कई कभी कर दिया करता करती करते करने कहा कहीं का कि किया किसी की की ओर की तरह कुछ के लिए के साथ कैसे को कोई कोठी क्या गए गया था गाँव घर चमेली जब जा रहा जाता जाती जी जैसे जो तक तो था कि थीं दिन दी देखा देर नहीं निकल ने पंजाब पति पत्नी पर पहले पाकिस्तान पास पुरी बस बात बाद बार बार-बार बाहर बेटा बेटे भाई भी माँ मुंह में में से मैं यह यहाँ या रह रहता रहती रहा था रहा है रही थी रहीं रहे थे रात लगता लगा लगी लिया ले लेकिन लोग वह वाले वे वैसे श्रीमती मोहन सब सरदार सामने सिंह सिख सिखों से हर हाथ हिन्दू ही हुई हुए है हैं होता होती

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