Nīr̥a kā nirmāṇa phira

Front Cover
Rājapāla, 1970 - Poets, Hindi - 367 pages
0 Reviews

From inside the book

What people are saying - Write a review

We haven't found any reviews in the usual places.

Common terms and phrases

अधिक अनुभव अपना अपनी अपने अब आज आप इलाहाबाद इस उन उनका उनकी उनके उन्हें उन्होंने उस उसका उसकी उसके उससे उसी उसे एक ऐसा ओर और कभी कमरे कर करता करते करना करने कवि कविता कह कहा कहीं का काम किया था किसी की कुछ के लिए के साथ को कोई क्या गई गए गया था घर चाहता जब जा जाता जाने जिस जी जीवन जैसे जो तक तब तरह तेजी तो था कि थी थीं थे दिन दिनों दिया दी दे दो दोनों नहीं नाम ने पर पहले पास प्रकाश प्रति फिर बडी बरेली बहुत बात बाद बार भी मधुशाला मन मुझसे मुझे में में भी मेरा मेरी मेरे मैं मैंने यह या याद युनिवर्सिटी रहे रात रूप लगा लाहौर लिया ले लोग वर्ष वह वे शायद सकता सब समय सामने साहब से हम ही हुआ हुई हुए हूँ है कि हैं होगा होता होती होने

Bibliographic information