Kathāsaritsāgara: Mūla Saṃskr̥ta ke sātha dvādaśa lambaka se aṣṭādaśa lambaka taka

Front Cover
Bihāra-Rāshṭrabhāshā Parishad - Tales, Sanskrit
0 Reviews

From inside the book

What people are saying - Write a review

We haven't found any reviews in the usual places.

Common terms and phrases

अत अनन्तर अपना अपनी अपने अब आप आया इति इस इस प्रकार उन उनके उन्हें उन्होंने उस उसका उसकी उसके उसने उससे उसी उसे एक ऐसा कहने पर और कन्या कर करके करते करने के कहकर कहा का कि किया की की कथा कुछ के कारण के पास के लिए के समान के सहित के साथ को कोई क्या गई गत्वा गये घर जब जा जाकर जाने जो तं तत ततो तत्र तथा तब तरह तस्य तां तुम तुम्हारे ते तेन तो था थी थे दिन दिया देखकर देखा दोनों नहीं नाम पर पिता पुत्र प्रसन्न फिर बहुत बात बातें बाद ब्राह्मण भी मुझे मृगांकदत्त मे में मेरी मेरे मैं मैंने यह यहाँ ये रही रहे राजकुमार राजा ने रात रूप लगा लिया ले लोग लोगों वह वहाँ वे वेताल शरीर समय सा से स्त्री हि ही हुआ हुई हुए हूँ है हैं हो गया होकर होने

Bibliographic information