Rādhā. [lekhaka] Jānakīvallabha Śāstrī, Volume 1

Front Cover
Lokabhāratī Prakāśana, 1971 - Rādhā (Hindu deity)
0 Reviews

From inside the book

What people are saying - Write a review

We haven't found any reviews in the usual places.

Contents

Section 1
Section 2
Section 3

4 other sections not shown

Common terms and phrases

अनुभूति अन्तर अपना अपनी अपने अब अर्थ आई आकाश आत्मा आया इस उयों उर उस उसे ऊपर एक ऐसे ओर और कब कर करता करती करों कहाँ कहीं का काव्य कि किन्तु किसी की कुछ के के लिए केवल कैसे को कोई क्या गई गए गति गया छन्द छाया जड़ जब जल जा जाए जाता है जाती जाने जीवन जैसे जो तक तन तब तम तुम तुम्हारा तो था थी थे दिन दृष्टि देखा देती धन नभ नहीं ने पथ पर पहले प्र प्रकाश प्रणय प्राण प्राणों फिर फूल बन भर भाव भी भेरी मत मन मन के मुझे में मेरा मेरी मेरे मैं यदि यमुना यह यहाँ या यों रस रह रहता रहा रही रहे राग राधा रूप लगता ले वन वह वाणी सकता सत्य सब सागर सिर सुर से स्वर ही हुआ हुई हुए हूँ है है हैं हो होगा होता है होती होने

Bibliographic information