Aurata: astitva aura asmitā : mahilā-lekhana kā sāmājaśāstrīya adhyayana

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Sārāṃśa Prakāśana, 2000 - Literary Criticism - 177 pages
1 Review
Study of the novels by 20th century Hindi women authors with special reference to the depiction of women.

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Contents

प्रभा यन
9
व्यक्ति बनती औरत
27
को की सार्थकता यश देडियों रे
45

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Common terms and phrases

अगर अधिक अपनी अपने अब अं आज इस इसलिए उगे उपन्यास उम उसका उसकी उसके उसे एक ऐसा ऐसी ऐसे और है औरत कर करके करता करती है करते करने कहा क्योंकि का किया किसी कुछ के बाद के लिए के साथ को गई गया छाई जब जा जाता जाती जीवन जैसे जो तक तथा तरह था थी दिया देती देह नहीं है नारीवाद ने पकी पति पर परिवार पुरुष फिर बने बया बलात्कार बहुत बिना भी भी है मगर मालविका में में भी मैं यम यर यल यह यहीं या रबी रहा है रही रहीं रहे रा रूप लगता है लड़की लेकर लेकिन वन वने वह विवाह वे शरीर सकता समाज संजीवनी स्वयं सामाजिक सिके से हम हर ही ही नहीं हुआ हुई हुए हूँ है और है कि है की है के है तो है या है है हैं हो होगा होता है होती होने

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