Vyaṅgya! vyaṅgya! vyaṅgya!

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Klāsika Pabliśiṅga Hāusa, 1994 - Hindi wit and humor - 165 pages
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Contents

कालजयी रचना का उदय मैं
3
हकीकत गणों की
21
तुलसी तात म जाइए
46
Copyright

3 other sections not shown

Common terms and phrases

अपनी अपने अब आज आप इन इस इसलिए इसी उनकी उनके उन्हें उस उसकी उसके उसे एक ऐसा ऐसे और कई कभी कम कर करते हैं करना करने कहते कहा कहीं क्या क्रिया का काम कि की कुछ कुर्ती के लिए को कोई गई गए गया चाहे जब जा जात जाता है जाती जाते हैं जाने जिमी जी जैसे जो ठीक तक तब तरह तो तो फिर था थी थे दिन दिया देते देश दो नहीं नहीं है नाम ने पर पहचान पहले फिर बन बनी बनों बया बर्मा बस बह बहुत बहे बात बाद बाले बिना भारत महीं मुझे में भी मैं यह यहाँ यही यहीं या ये रमजान रहा है रहे राम लगे लिया ले लेकिन लोग लोगों विना वे वैसे सब सभी सरकार संस्कृति साहब से हम हमें हर ही ही नहीं ही है हुआ हुए है की हैं हो होता है होती होते

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