Gunāhōṃ kā dēvatā

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Bhāratīya Jānapīṭha, 1960 - 381 pages
22 Reviews

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User ratings

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Amazing Writing, It involve you. - Goodreads
It is a very unconventional love story. - Goodreads
The portrayal of characters is beautiful. - Goodreads

Review: गुनाहों का देवता (Gunahon ka Devta)

User Review  - Kshitiz - Goodreads

Set aside one and half day from your routine if you want to dwell into this marvellous novel. Book shows a very different perspective of love contrasting to the modern love/romance. It makes me wonder ... Read full review

Review: गुनाहों का देवता (Gunahon ka Devta)

User Review  - Shubham Mishra - Goodreads

To love is to be vulnerable. When Chandar loved Sudha and Suda loved Chandar, they both became vulnerable for each other. Both never had each other but still were together. I have read many love ... Read full review

Common terms and phrases

अगर अच्छा अपना अपनी अपने अब अभी आई आज आप आया आये इतना इतनी इस उस उसका उसकी उसके उसने उसे एक ओर और कपूर कभी कर करती कहा कहीं कि किया की कुछ कोई क्या क्यों गई गये चन्दर चन्दरने चली चाय चुपचाप जब जा जाने जैसे जो ठीक डाक्टर तक तब तरह तुम तुमने तुम्हारे तुम्हें तो था कि थी थीं थे दिन दिया दी दे देखा देर दो नहीं नहीं है पम्मी पहले पास पूछा प्यार फिर बहुत बात बाद बिनती बिनतीने बैठ बोला बोली भी भी नहीं मत मन मनमें मालूम मुझे मेरे मैं मैंने यह यहाँ या ये रहा था रही रहीं थी रहे रा लगता लगा लगी लड़की लिए लिया ली ले लेकिन वह सब साथ साहब सुधा सुधाने हम हाँ हाथ ही हुआ हुई हुए हूँ है और है कि है है हैं हो गई हो गया होगा होता

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