Nadī Phira baha calī

Front Cover
Hindī Pracāraka Pustakālaya, 1961 - 334 pages
0 Reviews

From inside the book

What people are saying - Write a review

We haven't found any reviews in the usual places.

Contents

Section 1
Section 2
Section 3

33 other sections not shown

Common terms and phrases

अच्छा अपनी अपने अब अभी आई आगे आया आवाज इस उस उसका उसकी उसके उसने उसे एक और कभी कर करों का काम कि किया किसी की ओर की माँ कीरपलवा कुछ के लिए के साथ कोई क्या गई गए गाँव घर चली जनार्दन राय जब जा जाता जाती जाने जो तक तब तरह तुम तुम्हारे तो था और थीं थे दिया दे देखा दो दोनों नहीं नहीं है ने कहा ने पूछा पर परबतिया को परबतिया ने परबतिया बोली पानी फिर बस बहुत बहू बात बाद बाप बाबू बाहर बोला बोली भउजी भर भी मगर मत मरद महती मुझे में मेरे मैं यह यहाँ रहा था रही रहीं थी रहे थे राजपूत रात रोज लगा लगी लाल लिया ले लेकर लोग वह वे सकल सब सामने सुगिया से सो हनुमान हाँ हाथ ही हुआ हुई हुए हूँ है है और है कि हैं हो गई होगा होता

Bibliographic information