O Mausama kucamādī hai

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Saṅghī Prakāśana, 1988 - 85 pages
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Contents

थारो अधिकार अर म्हारी नियति
19
अज रो यतो उबको
21
पीड़ लेक वैस्था
35

2 other sections not shown

Common terms and phrases

अंक अंधारै अठे अन्तस अब आज आदमी आभी आयला आवै इज तो इण उग उण उर्दू कई कचरों कटे कद कर करी करे करै कहै का कांई किया की कीक कीकर कुण के कोई पण कोट गणित घणी घेरे में चल जद जबाब दे जातरा जावे जावै जासी जिको जिण ने जी जीवन जे टोपी तिरस तो थकी थार थारी थारे थे दिन दू देवै दो धरती नल नित-नित नियति नी नीं ने पण पतियारो पांगी पीड़ पेट फूल फेर बस बाडी बावल बोल भर भी मन माथे माथो मोती मौसम म्हंनै म्हारी म्हारे गांव में म्हे यई रंग रई रमण रा रियो है री आस री बात रेत रै रो ललक लागै ले लेक लोग वाणी विस्वास कोनी हो वृ सके सकै सड़क सवार साच साची साह सु सुख सुर सू सूर सूरज सृ सोच स्वात हंस हवा हाथ ही हुय हुयगी रे हुवे है अर

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