Dinakara kā vyaktittva: Āndhra Viśvavidyālaya kī Pī-Eca. Ḍī. upādhi hetu svīkr̥ta śodha-prabandha

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Annapūrṇā Prakāśana, 1994 - 220 pages
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Study on the life and works of Ramdhari Sinha Dinkar, 1908-1974, Hindi author.

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अतीत अनेक अपनी अपने आर्थिक इन इस इस प्रकार इसी ईश्वर उनका उनकी उनके उन्होंने उर्वशी उस उसका उसके उसे एक एवं ओर कर करता है करती करते हुए करते हैं करना कलाकार कवि के कवि दिनकर कविता कहते काव्य किया है किसी की कुछ कुरुक्षेत्र के कारण के प्रति के रूप में के लिए के व्यक्तित्व को कोई जब जाता है जीवन जो तक तथा तब था थे द्वारा दिनकर ने दिया देते देश दोनों नहीं नहीं है पर परशुराम प्रकृति प्राप्त प्रेम पृ भारत भारतीय भारतीय संस्कृति भी मन मनुष्य मानव में कवि में ही मैं यह या युग युध्द रहता है रहा राजनीतिक राष्ट्र रूप से वह व्यक्ति व्यक्ति के व्यक्तित्व का वाले विकास विचार विरोध वे शोषण सभी समय सम्बन्ध समाज संस्कृति स्पष्ट स्वरूप सामाजिक से हिमालय ही हुआ है हुई हृदय है और है कि है है हो होकर होता है होती होते होने

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