Gurabāṇī dī bhāshā te wiākarana: Gurabāṇī dā bhāshāī te wiākaranika adhiaina

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Pabalīkeshana Biūro, Pajābī Yūnīwarasiṭī, 1997 - Ādi-Granth - 370 pages
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Language and grammar of Ādi-Granth, Sikh canon; a study.

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८/तिर अच्छा उई उगती उगम उगाई उपकर उपर ऊप ऊपर ऊषा औझा और कसे का किस किसे की के को कोरे खाले खासे गलाकर गागर छपरा छाते जाओ जाकर जिसे जैसी जो ज्यो ठती ठाठ ठाहीं डरा डालर डाले तको तगर तता ता ताले तुरा ते लि ते है तो था दिस दिसि दी दो द्वार नी पलित पीज्जगसी प्रिय बिरिर बैर भा/तिर भार भिच्छा भिलसे भी मंडी मा है मां मांसर माटी माते माय माया मार मारे माला माले मालेर मासा मित मित्र मिराठई मिले मिस्र में मेले यर रा राक राठ राठ है रात रीत रोकोको लाठ लिकर लिखे लित लितिगार लिम ले लेझे लोर वस्र विस विस्र सं संख्या संगित संत संधि संरे सका सटी सर सस्ती सा साले सित सिरा सिली सिले सी से से है स् स्थिर से ही है रात है से है स्थिर है है हैं हो होगा होर

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