Hariyāṇā kā loka saṅgīta

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Rādhā Pablikeśansa, Jan 1, 1997 - Folk music - 140 pages
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Study of folk music, various ragas, and folk songs of Haryana, India; includes musical letter notation.

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अथ अथवा अधिक अन्य अपनी अपने अय अल आदि इंद्र इन इस इस प्रकार इसके इसी ईद उत्तर प्रदेश उसी उसे एक एवं कर करता है करती करते हैं करने का प्रयोग किया जाता है किसी की के कारण के लिए के सोक को कोई गया गीत गीतों गीतों का घर चूल जब जा जाती जाते हैं जाने जी जीत जीवन जो टोक तक तथा तो तोक था दिन दिल्ली द्वारा नहीं नान नृत्य ने पंजाब पति पन पम पर पृ० प्र प्रदेश के प्राप्त फागुन बस बहुत बाल भारत भी में मैं यम यल यह यहीं या ये राग राजस्थान रुप ने रे लदे लय ले लोक वह वाद्य वाले विशिष्ट विशेष संगीत ने सब सभी समय से सोक गीतों सोक संगीत स्वर हरियाणा के ही हुए है और है कि हो हों० होता है होती होते हैं होने होली

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