Ārya samāja ke taponishṭha netā, Paṃ. Khemarāja Śarmā: karmaṇya jīvana kī eka jhalaka

Front Cover
Indrā Prakāśana, 1994 - Arya-Samaj members - 116 pages
0 Reviews
On the life and works of Khemarāja Śarmā, 1885-1974, Arya-Samaj leader; includes reminiscences of the leader by his friends and associates.

From inside the book

What people are saying - Write a review

We haven't found any reviews in the usual places.

Contents

Section 1
1
Section 2
5
Section 3
86

5 other sections not shown

Common terms and phrases

अनेक अपना अपनी अपने अब आगे आज आदि आर्य समाज के इन इस उनका उनकी उनके उन्हें उन्होंने उस समय एवं और कर करते थे करना करने कहा का काम कार्य कि किया किसी की कुछ के लिए के साथ को कोई क्षेत्र में खेमराज ने गंगानगर गई गए गये घर जब जयपुर जा जाट जाता जाते जाने जी के जीवन जो तक तथा तो था था है थी थे है दिन दिया दो द्वारा धर्म नगर में नहीं ने पं० खेमराज जी पंडित पंडितजी पण्डित पण्डित जी पर परिवार पास पिताजी प्रचार फिर बहुत बात बाद भारत भी मगडावा में मेरे मैं यह रहते थे रहा रहे राजस्थान रूप लगे लिया लोग लोगों वर्ष वह वाले विवाह वे व्यक्ति शर्मा शिक्षा शेखावाटी श्री समाज में सामाजिक सीकर से सेठ सेवा हिन्दू ही हुआ हुई हुए है कि है है हैं हो गया होता होते होने होली

Bibliographic information