Ghaṇṭāghara

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Vibhūti Prakāśana, 1981 - Hindi poetry - 95 pages
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Contents

तकाजा
9
बरसते का सागरतट बंबई
17
शिक्षक की
50
Copyright

Common terms and phrases

अगर अपना अपनी अपने अब असली आज आजादी आता है आप इस उसकी उसके उसे एक सुबह और मुझे कबीर कभी कर करता करते करने का का चेहरा देखा किया किसी की कुछ के नाम पर के लिए को कोई कोशिश क्या गई गये गुस्सा गोबर घर चाय चेहरा देखा तो जब जा जाता है जिस जो तक तरफ तरह तुम तुम्हारे तुम्हें तो था थी थे दिन दिया देख देता देश दो दोनों दोस्त धर्म धोती नहीं है ने पर पसंद पास पु पेशाब फागुन फिर बंद बडा बहुत भी मत महापुरुष मुल्क में मेरा मेरी मेरे यह या ये रहा हूँ रहा है रही रहे हैं राजा लगा लगे लिया लेकिन लोग वह विषय वे शहर सत्य समाजवाद सही साथ सामने सूअर सूरज से हम हर हाथ ही हुआ हुए है और मैं है कि है है हो गया होगा होता है

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