Abhidhāna-anuśīlana: purushoṃ ke Hindī vyaktivācaka nāmoṃ kā vaij˝ānika vivecana

Front Cover
Hindustānī Ekeḍemī, 1958 - Family & Relationships - 517 pages
0 Reviews

From inside the book

What people are saying - Write a review

We haven't found any reviews in the usual places.

Contents

Section 1
Section 2
Section 3

36 other sections not shown

Other editions - View all

Common terms and phrases

अथवा अधिक अनेक अन्य अपनी अपने आदि इन इनके इस इसी ईश्वर उनके उस उसके एक एवं और कर करता है करते हैं करने कहते का काल किया किसी की कुछ कृष्ण के अर्थ में के कारण के नाम के लिए केवल को कोई गई गया है जाता है जाती जाते हैं जीवन तथा तो था थे दिया देव देश दो दोनों धर्म नहीं नाम से नामी में नामों नारायण ने पर पार्वती पुत्र प्रतीत प्रवृति प्रसिद्ध प्राप्त प्राय बना ब्रह्मा भारत भी में में भी यम यह यहाँ या ये योग रहता है रहा रा राजा राम रूप लाल लिया वह विकृत विशेष विष्णु वे व्यक्ति शब्द शब्दों की शिव सकते सब समय सिंह से स्थान स्वामी ही हुआ हुई हुए है और है कि है जो है है हैं हो गया होता है होती होते हैं

Bibliographic information