Alaṅkāra-pārijāta

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Lakshmīnārāyaṇa Agravāla, 1969 - Hindi language - 222 pages
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Hindu poetics, with special reference to figures of speech in modern Hindi poetry; for college students.

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Contents

३ अलंकार क्या ए
क रस और रस के भेद

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अतिरिक्त उदाहरण अधिक अनेक अर्थात अर्थालंकार अलंकार आदि आने इस इसमें उत्तरा उदाहरण उदाहरण १ उपमा उपमान उपमेय को उसके एक ही और कथन कमल कर करके करना करने कहा गया है का अर्थ कारण कार्य किया जाय किसी की कुछ के लिए के समान के साथ को कोई क्या गयी गये गुण चन्द्र चन्द्रमा चरण में जब जल जा जाता है जीवन जैसे जो तो था दिया दूसरी देने दो द्वारा धर्म नहीं नहीं होता ने पर पर भी प्रकार प्रत्येक प्रसंग प्रस्तुत फिर बताया बात बार भा भी भेद मन मुख में यमक यह यहाँ या ये रस रहा राम रूप रूपक वर्ण वर्णन वह वाक्य विशेष वे शब्द के शब्दों श्लेष सब सम सीता सुन्दर से सो हरि ही हुआ हुई है और है कि है है हैं हो होता है होती होते हैं होना होने पर

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