Bāde sabā kā intizāra

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Sāhitya Akādemī, 2006 - Fiction - 168 pages
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Alexander Puskin : Pratinidhi Kahaniyan, Hindi Translation By A. Charumati Ramdas Of Selected Stories Of Alexander S. Puskin.

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Contents

चमक
17
अंधा उपरि
47
निजात
66

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Common terms and phrases

अतल अपना अपनी अपने अब अभी अम्मी अरशद ने अंत अंदर इस उक्ति उनके उस उसका उसकी उसके उसने उसे एक और कभी कर करके करते करने कहा क्यों क्रिया का काम कि किया किसी की तरफ के पास के बाद के लिए के साथ को कोई खुद गए गीता चचा जब जा जाए जाकर जाता है जाती जाते जाने जाप जायजा जाया जैसे जो तब तरह तुम तुव तो थी थीं थे दिन दिया दिल दूर दे देखकर देखा देर तक दो दोनों नजर नहीं पर फिर बहुत बात बाते बाहर बी भी भी नहीं मत मुझे मेरी मेरे में मैं मैंने यम यया यर यल यह यहीं या याद रहा था रहा है रही रहीं रहे थे रंग रात लगा लिया ले लेकिन वक्त वह वहुत वि सब सर सामने साहब से हम हाथ ही हुआ हुई हुए हूँ है हैं हो गई हो गया होती होते

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