Bhāratīya sādhanā aura Sūra sāhitya

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Ācaryā Śukla Sādhanā Sadana, 1960 - Poetry - 434 pages
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Contents

यसाधना के प्रकार 1
वाद और पुष्टिमार्ग
सूरदास और बज की संस्कृति

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Common terms and phrases

अत अध्याय अनेक अपनी अपने आचार्य आदि इन इस इस प्रकार इसी उद्धव उनके उपनिषद उस उसके उसे एक एवं कबीर कर करते हैं करना करने कहते कहा का का वर्णन कारण किया है किसी की कुछ कृष्ण के लिए के लिये के साथ को कोई गई गया है गये गोपियों जब जा जाता है जाती जाते जी जैसे जो ज्ञान तक तथा तो था थी थे दिया दोनों द्वारा नहीं ना० प्र० स० नाम नीचे ने पद पर पुराण प्रकट प्रभु प्राप्त प्रेम फिर बन ब्रह्म भक्त भक्ति भगवान भाव भी मन में में भी मैं यह या ये राधा रूप रूप में रूप से लिखा लीला वह विष्णु वे वेद वैष्णव शिव श्रीकृष्ण सकता सब समय सम्बन्ध सूर सूर ने सूरदास सूरसागर ना० प्र० से स्थान हम हरि ही हुआ हुई हुए है और है कि है है हैं हो होता है होती होने

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