Bharatiya sadhana aura Sura sahitya

Front Cover
Granthama, 1980 - 414 pages
0 Reviews

From inside the book

What people are saying - Write a review

We haven't found any reviews in the usual places.

Other editions - View all

Common terms and phrases

अत अध्याय अनेक अन्य अपनी अपने आचार्य वल्लभ आदि इन इस इस प्रकार इसी उद्धव उनके उपनिषद उस उसके उसे एक एवं कबीर कर करते हैं करना करने कर्म कहा का का वर्णन कारण किया है किसी की कुछ कृष्ण के लिए के साथ को कोई गई गया है गये गोपियों जब जाता है जाती जी जैसे जो ज्ञान तक तथा तो था थी थे दिया दोनों द्वारा नहीं ना० प्र० स० नाम नीचे ने पद पर पुराण पृष्ठ प्रकट प्रभु प्राप्त प्रेम फिर ब्रह्म भक्त भक्ति भगवान भाव भी मन महाभारत मुरली में में भी मैं यह यही या ये रस रहा है रही राधा रूप रूप से लिखते लीला वह वाले विष्णु वे वेद वैष्णव शिव श्रीकृष्ण सकता सब समय सम्बन्ध सूर सूर ने सूरदास सूरसागर ना० प्र० से स्थान हम हरि हरिलीला ही हुआ हुई हुए है और है कि हैं हो होता है होती होने

Bibliographic information