Bhātakhaṇḍe-saṅgītaśāstra, Volume 2

Front Cover
Saṅgīta-Kāryālaya - Music
0 Reviews

From inside the book

What people are saying - Write a review

We haven't found any reviews in the usual places.

Other editions - View all

Common terms and phrases

अधिक अपने अब अभी आगे आदि आप इन इस प्रकार इस राग इसमें इसी उत्तर उत्पन्न उस उसके उसने उसे एक ऐसा और कर करते करना करने कहा का किस किसी की कुछ के के लिये को कोई कोमल क्या ग म गांधार गायक ग्रन्थ चाहिये जा जाता है जैसे जो ठीक तथा तरह तीव्र तुम तुम्हें तो था थाट थे दक्षिण दिखाई दिया ध्यान नहीं है नाम नि ने पद्धति पर परन्तु प्र प्राचीन प्राप्त फिर बताया बहुत बात भाग भी म ग मत मुझे में मैं मैंने मैंरव यदि यह या ये रहा राग राग का रागों रूप से वह वाले विषय वे शुद्ध श्रुति संस्कृत सकते समझ समय सा सी से सोमनाथ स्पष्ट स्वर स्वरों हम हमारे हमें ही है हुआ हुए हूँ हूँ कि है कि है सा है है हैं हो होगा होगी होता है होने

Bibliographic information