Erakā

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Neśanala Pabliśiṅga Hāusa, 1990 - Poetry - 109 pages
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Contents

माधवी था
1
चीलनी का को औ
20
शिखडित था
43

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Common terms and phrases

अत अपनी अपने अब अभी अश्वत्थामा आज इतिहास इन इन्द्र उन उनके उन्हें उस उसे एक एरका ओर और कभी कर दिया करता करती करते करने कहा कहीं का कि कितनी किया किसी की कुछ के लिए को कोई खार गई गया चल चली चारों चुप जब जा जात जाता जाती जाते जाने जाले जि जिन जिया जिसके जिसे तक तप तब तरफ तरह तुम तुमने तुम्हरी तुम्हारा तुम्हे तो था थी थे दिन दे देखा दो धरती नही नहीं ने पर पहले पाया पी पीने पुत्र फिर बन बने बब बम बर बल बह बाई बार बी भी भीष्म भेरी मन महाभारत माधवी मुझे में मैं ययाति यह यहा या युद्ध युधिष्ठिर ये रथ रहा था रहे रो ले वन वह विश्वामित्र वे व्यवस्था सकते से हम हमने ही हु हुआ हुई हुए है हैं हो होता

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