Gītā-Sādhanā

Front Cover
Nava Jāgaraṇa Kendra, 1976 - Bhagavadgītā - 180 pages
Interpretive study on the Hindu sacred book Bhagavadgītā, a part of Mahābhārata.

From inside the book

What people are saying - Write a review

We haven't found any reviews in the usual places.

Contents

Section 1
Section 2
Section 3

7 other sections not shown

Other editions - View all

Common terms and phrases

अपना अपनी अपने अब अभाव आत्म आत्मा आदि आप इन इस ईश्वर उसका उसकी उसके उसे एक कभी कर करता है करती करते करना करने कर्म का काम कामना कामनाओं कारण किया किसी की की तरह कुछ कृष्ण के प्रति के लिये के साथ को कोई क्या गीता जड़ जब जा जाती जाते जीवन जो ज्ञान तक तो दर्शन देता है देवता द्वारा नहीं नहीं हो निर्मल निष्काम पर पर-प्रकृति पुरुष प्रकार प्रकृति प्रभु प्राप्त प्रेम बना बन्धन बुद्धि भक्त भक्ति भगवान भारत भाव भी मन महाभारत मात्र मार्ग मुक्ति में मैं यदि यह यही ये रहा है रहे राम रूप लेकिन वह वाले वासी वास्तव में सकता सकाम सत्य सभी साधक साधना से से मुक्ति स्वयं हम हमारे ही ही नहीं हुआ हुई हुए हृदय है और है कि है तो है है हैं हो जाता है होगा होगी होता है होती होते होने

Bibliographic information