Granthāvalī

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Kitāba Ghara, 1992 - Poetry - 7 pages
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Complete works of Sundaradāsa, 1596?-1689?, Braj saint poet; includes extensive introduction and meanings of words and phrases

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Common terms and phrases

अति अथवा अनुभव अपने अब अर्थात अरु अंग आदि इस एक एवं ऐसी और कछु कबीर कर करके करता है करते करने करि करे कहा कहै का काल किया की के के कारण केलिए कै को कोई कोउ कोऊ कौन गई गया है गुरु घर चरण छन्द जगत जब जल ज्ञान जा जाइ जात जाता है जीव जैसे जो टिप्पणी टेका तक तत्व तब तें तो तौ दिन दिया दुख देह नहिं नहीं नाम ने पद पर परमात्मा प्रती० प्रथम पाठ पुनि बन ब्रह्म ब्रहा बार बुद्धि भ्रम भाव भी मन माया मांहि मुख मूल मैं यह या ये रस रहता है रहै राम रूप में रे वह वाला वाले वेद शब्द शरीर शिव सकल सब समान सिर सु सुख सुन्दर सुन्दर कहत से सो सौ हरि हाथ ही हुआ हुए है और है कि है है हैं हो होइ होकर होता है होती होते होने

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