Gurū Nānaka cintana dī bhumikā

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Pabalīkeshana Biūro, Pajābī Yūnīwarasiṭī, 1998 - Sikh gurus - 243 pages
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Contributed articles on the life and philosophy of Guru Nanak, 1469-1538.

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अठठ अत अतोरे अर्शठ अस उ-धि उ]तु उई उगती उठा उहां और औसी कसे का किस की कृत के को गला गाते गासे गो छा ज्यो जा जाग्रराटे जारसे जि जैस जैसी जो ठगब्ध ठती ठतीद्वा ठर ठा ठाठार ठाल ठास ठी ठे डालर डाले तता तर ता तीर ते तो तोरे तोल था दि/स दिस दिसि दिसे दृ निणिर ने परा प्रिया बि भई भछिर भर भा भाते भार भी भी से भूरे मठ मातिध मातिस्र माते मार मारसर रो मासी मां मित मी मेस में ररी रा राठ राठई रात राप्त रार रास री री लि रो पीर रो लि रोके रोट रोसी लसी लिकर लिम ले लेत सगर सप्त सर सस्ती सं संधि स्ग्रटी स्थिर स्थिर सा सा सार सि सित सिबि सिम सिर सिरा सिसर सिसे सी सुर से सेके सेट सौ हिम ही है है से है है हैं हो होत होर

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