Kāvyālaṅkāraḥ: Śvetāmbarajainapaṇḍitanamisādhukr̥taṭippaṇasameta 'Prakāśa'hindīvyākhyāvibhūṣitaḥ

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Caukhambā Vidhyābhavana, 1966 - Language Arts & Disciplines - 488 pages
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Common terms and phrases

अतएव अथ अथवा अन्य अनुप्रास अनेक अपने अब अर्थ में अर्थात् अलंकार आदि आहि इति इस प्रकार इसी उत्पन्न उदाहरण देते उपमा उपमान उपमेय उस उसका उसके उसी उसे एक एव कर करके करता है करते करना करने करने के कहते कहा क्या का का उदाहरण का लक्षण काव्य किया किसी की के द्वारा के लिये के स्थान के साथ कैसे को कोई गयी गये गुण चन्द्रमा चाहिए चाहिये जहाँ जा जाता है जिस जैसे जो तथा तु तो देते हैं दो दोनों दोष नहीं नहीं है नाम ने पद प्रकार का प्रयोग पूर्व भवति भिन्न भी भेद मुख यथा यम यमक यह यहाँ या ये रचना रहा रूप वर्णन वस्तु वह वहाँ वा वाक्य वाला वाली वाले विशेष वे शब्द श्लेष शिव सा सुन्दर से युक्त ही हुआ हुये है और है कि हैं हो होकर होता है होती होते होने के कारण

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