Mantra mahodadhi

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Prācya Prakāśana, 1981 - Mantras - 877 pages
Verse work, with commentaries, on Hindu tantric incantations and associated rituals.

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Common terms and phrases

अक्षर का अग्नि अन्त में अपने आदि आवरण इन इन्द्र इस प्रकार इस मंत्र इसके बाद उक्त उसके ऋषि एवं और करना चाहिए है करनी करने से का ध्यान का पूजन करना की के बाद के लिए के साथ को क्रमश गया है गु जप करना चाहिए जल जि जिन जिम जो टिप्पणी तथा तु तो दिशाओं में देबी देवता देवी का दोनों धारण ध्यान कर नम नेत्रत्रयाय न्यास करना चाहिए पर पीठ पूजन कर पूजन करना चाहिए पूजा पूर्व आदि फिर बनता है बलि बार बीज ब्रह्मा भी भूपुर मंत्र का मंत्र से मध्य मन्त्र माया मुद्रा मैं यथा यह यहीं या रीति से लगाने से वं वाली वाले विधि विधिवत विनियोग शक्ति शिव श्री सब सहित साधक सिद्धि से पूजन सौ स्वाहा ही हूँ हृदय है है हैं हो जाता है होता है होम

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