Nyāya-praveśa-sūtram: eka vivecana

Front Cover
Parimala Pablikeśansa, 2000 - Buddhist logic - 193 pages
0 Reviews
Study of Nyāyapraveśakasūtra of Dignāga, 5th cent., work on Buddhist logic.

From inside the book

What people are saying - Write a review

We haven't found any reviews in the usual places.

Contents

Section 1
Section 2
Section 3

12 other sections not shown

Common terms and phrases

अत अथवा अन्य अनुमान अपने अर्थ अर्थात् आदि इति इन इम इस प्रकार इसी उगे उपलब्ध उसके एक एवं कथन करते हुए करना करने कहलाता है कहा है क्योंकि का किन्तु किया गया है किया है किसी की के अनुसार के रूप में के लिए को गई ग्रन्थ जब जा जाता है जान जान के जैसे जो तथा तीन तो था दर्शन द्वारा दिया दो दोनों धर्म नहीं नहीं है न्याय नाम नित्य ने ने भी पक्ष पकी पर प्याज प्रकार का प्रत्यक्ष प्रथम प्रमाण बने भिन्न भी भेद भेदों माना मृ० में भी यक्ष यथा यदि यमन यर यह या रचना रा लक्षण वन वने वह विरुद्ध विवेचन विषय वे वैशेषिक संस्कृत साधन साध्य सिद्ध से ही हुआ हेतु है १ है २ है ३ है ४ है और है कि हैं हो होता है होती होते होना होने के

Bibliographic information