Pitr̥-pūjā: Ārya pūjā-paddhati meṃ udbhava aura vikāsa

Front Cover
Bhāratīya Grantha Niketana, 1976 - Ancestor worship - 304 pages
On the cult of ancestor worship, with special reference to the Aryans.

From inside the book

What people are saying - Write a review

We haven't found any reviews in the usual places.

Contents

Section 1
Section 2
Section 3

15 other sections not shown

Common terms and phrases

अग्नि अतिरिक्त अथर्ववेद अथवा अन्य अपने अर्थ अवेस्ता आदि इन इस इस प्रकार इसके इसी उल्लेख उस उसके उसे ऋग्वेद एक कर करके करता है करते हुए करना करने करने के कलकत्ता कहा गया है का काल किए किन्तु किसी की की ओर कुछ कृष्णपक्ष के अनुसार के प्रति के लिए के साथ को क्योंकि क्रिया गई चाहिए जब जा जाता था जाता है जाती जाते जाने जो तक तथा तीन तो थी थे दिन दिया देता देते देने देवता देवताओं द्वारा नहीं ने पर पहले पिण्ड पितर पितरों के पितृ-पूजा पुराण प्रथा प्रदान प्राप्त ब्राह्मण ब्राह्मणों भारत भोजन मत माना मिलता है मृतक मृतात्मा मृत्यु में भी यजुर्वेद यम यह ये रूप में ले वह वाले विशेष वे व्यक्ति शब्द शव को श्राद्ध सभी सम्पन्न सू० से स्थान ही हुआ है और है कि हैं हो होता है होती होते

Bibliographic information