Roga-paricaya

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Caukhambhā Bhāratī Akādamī, 1985 - Clinical medicine - 1000 pages

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Common terms and phrases

अत्यन्त अधिक अन्य अवस्था में आदि आमाशय आहि इन्जेक्शन इस उदर उपसर्ग एक औषधि कम कर करना करने कहते हैं का का प्रयोग की ओर की कमी की गति की वृद्धि के समान के साथ को चाहिए चिकित्सा जल जा जाते हैं जाने जीवाणु ज्वर तक तथा तब तीत्र तीन त्वचा दिन देना चाहिये दो दोनों द्वारा ध्वनि नहीं नाड़ी निदान निम्न परिचय पश्चात् पाश्र्व पूर्व प्रकार प्रकार के प्रति प्रवेश प्राकृत प्रायः प्रारम्भ बन्द भाग भी मात्रा मार्ग मिलता है मिलती मुख मूत्र मैं यकृत् यह या ये रक्त रहता है रहती रोग रोग के रोगी रोगी को रोगों लक्षण लचण विकृति विटामिन विशेष शरीर शोथ सकती सकते हैं सी० से स्थान ही हृदय है और है तथा है है हो जाता है हो जाती होता है होती होती है और होते हैं होना होने के कारण होने पर

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