Urdū kahānīkāra: Kr̥śna Candara aura unakī śreshṭha kahāniyām̐

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Indraprastha Prakāśana, 1998 - Fiction - 160 pages
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Selections by several 20th century Urdu authors.

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Contents

कहानीकारमबलख अंसारी
10
मुबारक हो
58
बसी बगेशिश
96

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Common terms and phrases

अगर अपनी अपने अब इस उन उनकी उनके उन्होंने उर्दू उस उसका उसकी उसके उसने उसे एक ऐसा ऐसी और फिर कर करके करते करने कहा कहीं का काने काम कि किसी की की तरह के लिए को क्रिया गई गए गांव घर घसीटे जब जा जाए जाता जाती जाते जान जाने जाया जैसे जो तक तरफ तुम तो थी थीं थे दिन दिया दिल दे देख देखा देर दो दोनों नहीं निकल ने पर परा पानी पास प्रेमचंद फिर बहुत बात बार भर भी मगर मां मुझे मुनीर मुसलमान में मेरी मेरे मैं मैंने मोमिना यया यर यह यहीं या रहा था रहा है रही थी रहीं रहे थे रामू लगा लगी लगे लिया ले लेकर लेकिन लोग वि वे सब समय साथ सामने साहब से स्वामी जी हम हर हाथ ही हुआ हुई हुए हूँ है और हैं हो गई हो गया होता होती होने

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