Vīra-śiromaṇi Mahārāṇā Pratāpasiṃha: sacitra

Front Cover
Rājasthānī Granthāgāra, 1998 - Biography - 53 pages
0 Reviews
Life and exploits of Rana of Udaipur, Pratap Singh, d. 1597; a study.

From inside the book

What people are saying - Write a review

We haven't found any reviews in the usual places.

Contents

Section 1
Section 2
Section 3
Copyright

1 other sections not shown

Common terms and phrases

अकबर अजमेर अधिक अपना अपनी अपने अमरसिंह आदि आया इस इसपर ई० उदयपुर उस समय उसका उसकी उसके उसको उसने उसे एक ऐसी और कई कम कयोंकि कर करता करना करने के कहा कि का किया की कुछ के कारण के पास के लिये के समय के साथ को गई गया है गये गुजरात जब जाता जिससे जो तक तथा तरह तो था थी थे दिन दिया दो नहीं ने पर परन्तु पहाडों पीछे पृ० प्रताप प्रदेश फिर बहुत बादशाह बादशाह के बार बीर भाग भी महाराणा के महाराणा प्रताप महाराणा प्रतापसिंह मानसिंह मुसलमान में मेवाड़ मैं यदि यम यल यह यहीं युद्ध ये रहा राजपूत राजा राज्य राणा लडाई लिखा वह वहाँ वि० वे शाही स० सगर सब सिर से सेना में सेवा हमला हाथी ही हुआ हुई हुए है कि है है हैं हो होना होने

Bibliographic information