Vishwa Ke Pracheen Vaigyanik

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Prabhat Prakashan, Jan 1, 2014 - Biography & Autobiography - 272 pages
आप कल्पना कीजिए कि यदि पहिए का आविष्कार न हुआ होता तो क्या मानव विकास कर पाता! कंप्यूटर के बिना क्या आज के मानव जीवन की कल्पना की जा सकती है।

अस्तु, यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि जिस एक विधा ने मानव जीवन को एक नई दिशा और एक नया मार्ग दिखाया है, वह है विज्ञान। चिकित्सा, खगोल विज्ञान, कंप्यूटर, भू-विज्ञान आदि क्षेत्रों में विज्ञान की नई-नई खोजों, आविष्कारों और नवाचार ने पृथ्वी का स्वरूप ही बदल दिया। इन आविष्कारों और खोजों को करनेवाले महान् वैज्ञानिकों ने अप्रतिम योग्यता और प्रतिभा का परिचय देकर गहन अध्ययन, अनुसंधान और शोध करके नाना प्रकार की वस्तुएँ, तकनीक, सूत्र और प्रमेय ईजाद किए, जो कालांतर में मानव सभ्यता के विकास की नींव का पत्थर साबित हुए।

प्रस्तुत पुस्तक में ऐसे ही विश्व विख्यात वैज्ञानिकों के व्यक्तित्व व कृतित्व का संक्षिप्त लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जा रहा है, जिन्होंने इस संसार को नए मापदंड दिए। इसमें उस समय की राजनीतिक परिस्थितियाँ, नई-नई खोजों के लिए उत्सुकता तथा उन वैज्ञानिकों के समक्ष आई कठिनाइयों का दिग्दर्शन है। अत्यंत पठनीय एवं प्रेरक वैज्ञानिक जीवनियों का संकलन।

 

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Selected pages

Contents

ईसा पूर्व काल
19
25
26
अनाक्सिमेंडर अॉफ मिलेटस
27
आचार्य चरक
33
आर्यभट्ट प्रथम
44
माधवाकर
100
वाग्भटट
108
अंटोनियो वैलिस्नेटी
117
डेविड ग्रेगरी
192
थॉमस डिग्स
193
थॉमस सेवरी
194
नारायण पंडित
195
निकोलस कोपरनिकस
197
नीलकंठ सोमायाजी
200
नेहेमिया ग्रीव
202
प्रोस्पेरो अल्पीनि
208

आइजक न्यूटन
123
अॉटो वॉन ग्वारिके
129
एंड्रियास वैसेलियस
135
ओले क्रिश्चियेन सन रोमर
141
गियोवानी मारिया लांसिसी
147
गियोवानी अल्फोंसो बोरेली
148
गेबर जाबिर इब्न हयान
150
गैब्रियल डेनियल फॉरेनहाइट
151
गैब्रियेलो फैलोपियो
152
गैलीलियो गैलिली
153
गोटफ्राइड विल्हेम लिबनिज
159
जगन्नाथ प्रसाद
162
जॉन नेपियर
163
जॉन फ्लेमस्टेड
166
जॉर्ज अर्नेस्ट स्टॉल
168
जॉर्ज जोशिम वॉन लॉचेन रेटिकस
170
जेम्स ग्रेगरी
172
जेरार्ड डिसार्गस
173
जोअांस बैपटिस्ट वॉन हेल्मांट
175
जोहांस केपलर
177
जोहान गुटेनबर्ग
181
जोहान म्यूलर रेजियो मोंटेनस
184
जोहान रुडोल्फ ग्लॉबर
186
ज्येष्ठ देव
187
टायको ब्राहे
188
फ्रांकोइस वीटे
209
फ्रांसिस ग्लिसन
210
फ्रांसिस बेकन
212
फ्रांसिस्को रेडी
214
फ्रांसेस्को मारिया ग्रिमाल्डी
215
बनार्ड ली बीवियर डी फोंटेनेल
217
बातोंलोमियो यस्टाची
219
ब्लेज पास्कल
221
भाव मिश्र
224
भास्कराचार्य द्वितीय
225
महेंद्र सूरी
228
मार्सेलो माल्पिघी
229
मैंगनस अल्बर्टस
232
रॉबर्ट ग्रोसटेस्टे
236
रॉबर्ट हुक
240
रिचर्ड अॉफ वेलिंग फोर्ड
243
रेने डेस्काटेंस
245
रोजर बेकन
250
लजारस एरकर
253
लियोनार्ड डिग्स
256
लियोनाडो द विंची
257
विलियम गिल्बर्ट
261
विलियम हार्वे
263
साइमन स्टेविनस
270
स्टीफन ग्रे
272

Common terms and phrases

अध्ययन किया अनुसंधान अनेक अन्य अपनी अपने अब अरस्तू आदि आयुर्वेद आर्यभट्ट इटली इस इसके इसमें उनका उनकी उनके उन्हें उन्होंने उपयोग उस समय एक करते थे करने के का भी कार्य किए किया और किया था की की थी के अनुसार के बारे में के रूप में के लिए को गई गए गणित गणितज्ञ गया था चिकित्सक चिकित्सा जब जा जाता है जीवन जो ज्ञान तक तथा तैयार तो था और था कि थी थीं थे और द्वारा नहीं नाम निधन हो गया ने न्यूटन पर पर उन्होंने पहले पिता पुस्तक पूर्व पृथ्वी प्रकार प्रकाशित प्रयोग प्राप्त प्रारंभ फिर फ्रांस बाद में भारत भौतिकी माना जाता में उन्होंने में भी में वे में हुआ था यह या रचना रहा रहे रोम लिया वर्ष वह विकसित विज्ञान विभिन्न विश्वविद्यालय वे वैज्ञानिक शरीर संबंधी सन् सिद्धांत सूर्य से स्थित ही हुई हुए है और है कि हैं होता है होती

About the author (2014)

12 जनवरी, 1960 को जनमे विनोद कुमार मिश्र मात्र तीन वर्ष की आयु में पोलियोग्रस्त हो गए थे। 80 प्रतिशत विकलांगता के बावजूद वह आज कर्मठता के शिखर पर एक उदाहरण बन गए हैं। सन् 1983 में उन्होंने रुड़की विश्वविद्यालय (आईआईटी) से इलेक्ट्रॉनिक्स व दूरसंचार में डिग्री प्राप्त की और फिर एम.बी.ए. किया। अब तक उनकी 68 पुस्तकें व 400 से अधिक लेख प्रकाशित हो चुके हैं। ‘विकलांगता ः समस्याएँ व समाधान’, ‘विकलांग विभूतियों की जीवन-गाथाएँ’, ‘कमजोर तन, मजबूत मन’, ‘विकलांगों के लिए रोजगार’, ‘Eminent Disabled People of the World’, ‘Career Opportunities for the Disabled’, ‘विकलांगों के अधिकार’, ‘इक्कीसवीं सदी में विकलांगता’, ‘विकलांग स्वस्थ और आत्मनिर्भर कैसे बनें’, ‘थॉमस अल्वा एडिसन’, ‘अल्बर्ट आइंस्टाइन’, ‘सौर ऊर्जा’, ‘चार्ल्स डार्विन’, ‘लियोनार्दो द विंची’, ‘निकोलस कॉपरनिकस’, ‘सचित्र विज्ञान विश्वकोश’ (3 खंडों में) तथा ‘अल्फ्रेड नोबल’ आदि इनकी प्रमुख कृतियाँ हैं। इन्होंने ‘भारत में विज्ञान और भारतीय वैज्ञानिक’, ‘साधारण आविष्कारों की असाधारण सफलताएँ’, ‘वैज्ञानिक भारत का निर्माण’ एवं ‘अक्षय ऊर्जा स्रोत’ जैसी विज्ञान संबंधी महत्त्वपूर्ण कृतियाँ भी दी हैं। उन्हें ‘राष्ट्रपति पदक’, हिंदी अकादमी द्वारा ‘साहित्यिक कृति सम्मान’, योजना आयोग द्वारा ‘कौटिल्य पुरस्कार’ तथा ‘प्राकृतिक ऊर्जा पुरस्कार’ जैसे अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। संप्रति ः भारत सरकार के एक उद्यम में सहायक महाप्रबंधक।

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