रश्मि

Front Cover
Sāhitya Bhavana, 1962 - 104 pages

From inside the book

Contents

रश्मि ११
14
जीवन २७
31
गीत ४१
45

1 other sections not shown

Common terms and phrases

अपना अपनी अपने अब अलि अश्रु असीम आँसू आता इन इस उस उसका उसकी उसके उसमें उसे एक ओस कण कभी कर करता करुणा कारण काल कि किसी की कुछ के के लिए के समान को कौन क्या क्यों गया घन चिर छाया जग जब जल जाता है जाती जाते जिस प्रकार जिसमें जीवन का जो तब तम तारों तुम तो था थे दिन दीपक दुःख दुख दे देख देखें देता देती है नभ नव नहीं पथ पर परन्तु पल पलकों पीड़ा प्रभात प्राण प्राणों फिर बन बाँध भर भी मधु मधुर मन मनुष्य मनुष्य का महादेवी वर्मा मानस मुझे मूक मृदु में मेघों मेरा मेरे मैं मोती यह या रहता है रात रूपी लघु ले वह विश्व विस्मृति वीणा वे वेदना संगीत संसार सा सी सीमा सीमित सुकुमार सुख सृष्टि से स्मृति स्वप्न हिम ही हुआ हुई हुए हूँ हृदय में है और हैं हो जाता होता होने

Bibliographic information