Rāso sāhitya vimarś

Front Cover
Sāhitya Bhavana, 1962 - 176 pages

From inside the book

What people are saying - Write a review

We haven't found any reviews in the usual places.

Contents

Section 1
Section 2
Section 3

8 other sections not shown

Common terms and phrases

अथवा अन्य अपने अर्थ आधार इन इस इस प्रकार इसकी इसमें इसलिए उल्लेख उस उसका उसकी उसके उसने उसमें उसे ऊपर एक कथा कर करने कवि कहा गया का का समय काव्य किन्तु किया गया है किसी की कुछ के लिए के साथ केवल को कोई गई गए चंद चरण चाहिए छंद छंदों जब जयचंद जा जाता है जिसमें जो ज्ञात तक तथा तो था थी थे दिया दो दोनों द्वारा नहीं है नाम ने पर पाठ पुरातन पृ० पृथ्वीराज के पृथ्वीराज रासो प्रकार प्रकाशित प्रथम प्रबन्ध प्रसंग प्राकृत प्राप्त बाद मिलता है मिलते में भी यह या युद्ध में रचना राजस्थान राजा रास रूप में लगभग लेकर वह विजय वे शहाबुद्दीन स० सं० संग्रह संस्करण संस्कृत सकता है समस्त से हम्मीर हिन्दी ही हुआ है हुई हुए है और है कि हैं हो होगा होता है होना होने

Bibliographic information