Yama

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Lokbharti Prakashan, Sep 1, 2008 - Hindi poetry - 105 pages
A unique collection of five works, bound together, containing short stories, poems and Anecdotes by the author.
 

Contents

Section 1
22
Section 2
25
Section 3
30
Section 4
34
Section 5
35
Section 6
37
Section 7
47
Section 8
48
Section 10
51
Section 11
55
Section 12
59
Section 13
68
Section 14
73
Section 15
79
Section 16
85
Section 17
98

Section 9
49
Section 18
105

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Common terms and phrases

अनन्त अपना अपनी अपने अब अश्रु असीम आँसू आज आता आते इस उर एक और कण कर करुणा कह कहाँ का की के कैसे को कौन क्या क्यों गया घन चल चिर छाया छू जग जब जल जहाँ जाग जाता जाती जाते जाना जिसमें जी जीवन का जो तब तम तार तिमिर तुझको तुम तुम्हारी तू तेरा तेरी तेरे था थी थे दिन दीप दीपक दुख दूर दृग दे देख देखूँ देखो देता दो नभ नयन नव नहीं निश्वास नीरजा नीरव नीहार नूतन ने पथ पद पर पल पलकों प्राण प्राणों प्रिय फिर फूल बन भर भी भी हूँ मधु मधुर मुझे मूक मृदु में मेरा मेरी मेरे मैं मैंने मौन यह या यामा रश्मि रहा रही रहे रात रे लघु ले वह विरह विश्व वे शून्य संदेश संसार सजनि सा सी सुकुमार सुख सुन्दर सुमन से स्वप्न हार ही हुआ हूँ हृदय में हे है हैं हो

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